किराने का सामान खरीदने से पहले आप अपना बैलेंस देखते हैं, लेकिन यह संख्या नहीं बताती कि उसमें से कितना पैसा पहले ही किसी दूसरे काम के लिए तय है। लिफ़ाफ़ा बजट उन उद्देश्यों को नाम देता है। हर लिफ़ाफ़ा एक श्रेणी दर्शाता है, और उसमें बची रकम बताती है कि उस उद्देश्य के लिए आपने जो पैसा रखा था, उसमें से कितना बाकी है।
आप असली लिफ़ाफ़े, एक नोटबुक या कोई डिजिटल साधन इस्तेमाल कर सकते हैं। उपयोगी आदत हर जगह एक ही है: रकम तय करें, खर्च दर्ज करें और देखें कि कितना बचा है। यह मार्गदर्शिका बताती है कि छोटे और आसानी से संभाले जा सकने वाले शुरुआती रूप में लिफ़ाफ़ा बजट कैसे शुरू करें। उदाहरण काल्पनिक हिसाब-किताब के अभ्यास हैं, इस बात का वादा नहीं कि आप कितना पैसा बचाएँगे।
अपने पहले बजट का दायरा साफ़ तय करें
सबसे पहले तय करें कि आपके लिफ़ाफ़े किन खर्चों को कवर करेंगे। हो सकता है आप आने वाले हफ़्ते की रोज़मर्रा की खरीदारी का हिसाब रखें, जबकि किराए और दूसरे तय भुगतानों का अलग रिकॉर्ड रखें। यह दायरा लिख लें। किराने के लिफ़ाफ़े को समझना तब आसान होता है जब आपको पता हो कि घरेलू उपयोग का सामान भी उसमें शामिल है या नहीं।
इसके बाद पहचानें कि इस अभ्यास के लिए आप वास्तव में कितनी रकम तय कर रहे हैं। अगर खाते के बैलेंस का कोई हिस्सा पहले से किसी और काम के लिए है, तो पूरे बैलेंस को रोज़मर्रा के खर्च वाले लिफ़ाफ़ों में न लिख दें। लिफ़ाफ़ों का कुल योग इसी खास योजना में शामिल पैसे को दर्शाना चाहिए, और दूसरे तय भुगतानों का हिसाब अलग होना चाहिए।
कुछ भी दर्ज करने से पहले समीक्षा की तारीख तय करें। एक हफ़्ता अभ्यास के लिए सुविधाजनक अवधि है, क्योंकि आप एक चक्र पूरा करके जल्द ही अपने रिकॉर्ड देख सकते हैं। यह व्यवस्था का एक विकल्प है, ऐसा नियम नहीं जिसका हर बजट को पालन करना हो। ऐसी अवधि चुनें जिसकी शुरुआत और अंत आप साफ़ पहचान सकें।